Wednesday, 3 October 2012

उम्मीदें

उम्मीदों के
बंद दरवाजो 
को खोल कर 
जब भी झाँका 
तुम्हारी 
'उस' खिड़की की ओर
हमेशा बंद नजर आई है 
क्यों ???

2 comments:

  1. हमारा घर ही उनके पिछवाड़े था, इसमें उनका क्या कुसूर :(

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    1. हा हा हा... फिर भी कभी आगे पीछे वालो की भी खबर लेनी चाहिए या नही ? :)

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