सरल सृजन
सृष्टि का एक सरल सृजन ....संज्ञा.... अंजलि !!!!!
Friday, 28 June 2013
मनाही...
मेरा दिल
हथेली पर लेकर , रखने की कोशिश मत करना ...
बड़ी चटकनें हैं...
चुभ जाएँगी !
तुम्हारी उँगलियों में...
फिर तुम भी झटककर...
दूर फेंक दोगे इसे ...
एक अभिशप्त ताबीज की तरह...
2 comments:
Unknown
29 June 2013 at 01:50
Uttam Prayas.
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Unknown
22 July 2014 at 20:54
अभिशिप्त ताबीज की तरह ?
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Uttam Prayas.
ReplyDeleteअभिशिप्त ताबीज की तरह ?
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