मुझे नदी के बहने से शिकायत है
मुझे लड़कियों के सिमटने से शिकायत है
मुझे बाज़ार के शोर से शिकायत है
मुझे अन्दर के सन्नाटे से शिकायत है
मुझे शिकायत है
रेत क्यूँ नही सोखती पानी
मुझे शिकायत है कटे पेड़ों के फिर उग जाने से
हाँ, हर बात से नाराज हूँ मैं
मुझे अखबारी सुर्ख़ियों से शिकायत है
मुझे तेज आवाज रेडियो से शिकायत है
मुझे बंद दरवाजों से शिकायत है
मुझे खुली खिडकियों पर ऐतराज है
हाँ, हर बात से नाराज हूँ मैं
तुम बोलते हो और मैं चुप हूँ, मुझे शिकायत है

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