सरल सृजन
सृष्टि का एक सरल सृजन ....संज्ञा.... अंजलि !!!!!
Sunday, 24 February 2013
मुस्कुराहटें :)
मुस्कुराहटें
और
कुमुदनियाँ
जो थमाई थी
तूने
गिरीं
और
गिरकर,
चटककर,
टूटकर
चूर
चूर हो गयीं.........
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