Wednesday, 17 June 2015

क्षणिकाएं 4

१...

अगले विश्वयुद्ध से पहले
एक बार और तुमसे प्रेम कर लूँ ।

२...

मुझे डर है रात के चोरी हो जाने का 
और इसलिए मैं पहरे पर हूँ!

३...

तेरे आँसू चख देखे मैने चुपके से
सब खारे हैं मेरी मानिंद

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